देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट शुरू

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करीब 25 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शनिवार 28 मार्च पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर को बड़ी सौगात मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन कर दिया। इसके साथ ही देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। पहले चरण में यह एयरपोर्ट सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा, जबकि चारों चरण पूरे होने पर इसे एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र के किसानों, उद्योगों और युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर लेकर आएगा। उन्होंने इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का नया इंजन बताते हुए कहा कि यह परियोजना पूरे उत्तर भारत को वैश्विक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देगी। दिव्य हिमगिरि रिपोर्ट

करीब ढाई दशक के लंबे इंतजार के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को बड़ी सौगात मिल गई है। जेवर की धरती से अब विकास की नई उड़ान भरनी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन कर दिया। इसके साथ ही देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि यह एयरपोर्ट न केवल हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एनसीआर और आसपास के राज्यों के आर्थिक परिदृश्य को भी बदलने में बड़ी भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार दोपहर को जेवर में एयरपोर्ट के फेज-1 का लोकार्पण किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा और यह परियोजना किसानों, उद्योगों तथा रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट डबल इंजन सरकार की कार्यशैली का उदाहरण है और इससे पूरे क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जेवर का यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा, बुलंदशहर, अलीगढ़, फरीदाबाद, पलवल, इटावा और आसपास के कई जिलों को सीधा लाभ देगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश लंबे समय से बड़े बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं का इंतजार कर रहा था और अब यह क्षेत्र तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। यहां से दुनिया के लिए उड़ानें शुरू होंगी और यह एयरपोर्ट विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा और इससे निवेश, पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई दिशा मिलेगी। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट राज्य के विकास का नया अध्याय है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उद्घाटन के दौरान एयरपोर्ट की अत्याधुनिक सुविधाओं और डिजाइन की भी जानकारी दी गई।

क्षेत्रीय विकास, रोजगार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार- जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। पहले चरण में यह एयरपोर्ट सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा। भविष्य में विस्तार के साथ इसकी क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। चारों चरण पूरे होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन सकता है। यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ मिलकर एक ड्यूल-एयरपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते एयर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेंगे। साथ ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को दिल्ली जाने की जरूरत भी कम होगी। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर योजना तैयार की गई है। यहां मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग जोन, एमएसएमई क्लस्टर और इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। कृषि क्षेत्र को भी इस एयरपोर्ट से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों की फल, सब्जी और डेयरी उत्पादों को सीधे विदेशों तक भेजने की सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें बेहतर दाम मिलेंगे और कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलने की संभावना है। आगरा, मथुरा, वृंदावन, ताजमहल और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।एयरपोर्ट से जुड़े एक्सप्रेसवे और रेल कनेक्टिविटी भी विकसित की जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कनेक्शन से यह एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत से जुड़ जाएगा। नमो भारत ट्रेन और मेट्रो नेटवर्क से भी इसे जोड़ने की योजना है।

आधुनिक सुविधाएं, विशाल रनवे और ‘नेट-जीरो’ एयरपोर्ट की खास पहचान- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। एयरपोर्ट का आर्किटेक्चर भारतीय संस्कृति से प्रेरित है। इसकी छत को यमुना, गंगा और हिंडन नदियों की लहरों जैसा डिजाइन दिया गया है। टर्मिनल के भीतर पारंपरिक जाली कार्य और लाल पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है, जो स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो दुनिया के बड़े वाइड-बॉडी विमानों को संभालने में सक्षम है। यहां आधुनिक नेविगेशन सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे खराब मौसम में भी विमान संचालन संभव होगा। एयरपोर्ट को 24 घंटे संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। यहां 80 एकड़ में मल्टी-मोडल कार्गो हब विकसित किया गया है। शुरुआती चरण में सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन कार्गो हैंडलिंग की क्षमता रखी गई है। भविष्य में इसे और बढ़ाया जाएगा। इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और निर्यात उद्योग को बड़ा फायदा मिलेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ‘नेट-जीरो’ उत्सर्जन प्रोजेक्ट के रूप में डिजाइन किया गया है। यहां सोलर एनर्जी, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा दक्ष भवन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। इससे पर्यावरण पर कम प्रभाव पड़ेगा और यह देश का पहला बड़े पैमाने का पर्यावरण अनुकूल एयरपोर्ट माना जा रहा है।

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