“क्षेत्र का लगातार विकास करना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है”– भूपेंद्र कठैत

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1: अपनी पारिवारिक और शैक्षिक पृष्ठभूमि के बारे में बताएं।
मेरा जन्म उत्तराखंड के चमोली जनपद के एक उच्च शिक्षित परिवार में हुआ है। हमारे परिवार की बैकग्राउंड खेती, पुलिस तथा आर्मी की रही है। मेरे दादा फौज से रिटायर्ड थे और कालागढ़ में हमारी खेती-बाड़ी थी, इसलिए मेरा बचपन वहीं पर बीता। मेरे पिता पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत थे तथा उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में उन्होंने अपनी सेवाएं दी और 3 बार राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित हुए। मेरी एक बहन स्पोर्ट्स में उत्तराखंड की पहली नेट क्वालिफाई लड़की है और जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में हेड ऑफ डिपार्टमेंट स्पोर्ट्स के पद पर कार्यरत है। शिक्षा के प्रति मेरा शुरू से ही झुकाव रहा है तथा मैंने बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस, मार्केट मैनेजमेंट और कंप्यूटर कोर्स इत्यादि किए हैं।

2: राजनीति के क्षेत्र में आने के प्रेरणास्रोत कौन रहे हैं?
मैं एक कॉलेज गोइंग स्टूडेंट था और बीच-बीच में लोगों के रोजमर्रा के कार्यों में उनकी मदद भी करता रहता था। कॉलोनी की सोसाइटियों के बड़े बुजुर्गों ने ही मुझे राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया और युवाओं के जोश और बड़ों के आशीर्वाद ने मुझे पहली बार देहरादून नगर निगम के पार्षद के रूप में चुनाव जितवाया। तब से अब तक नगर निगम पार्षद के रूप में यह मेरा चौथा कार्यकाल है। मुझे जनता का इतना प्यार और आशीर्वाद मिल रहा है कि पार्षद के रूप में हर बार मेरी जीत का मार्जिन बढ़ता जा रहा है।

3: आपकी उपलब्धियों के बारे में बताइए।
मेरा वार्ड 8 सालावाला हाथीबड़कला एक बड़ा क्षेत्र है, जिसमें दिलाराम चौक, हाथीबड़कला, सालावाला, न्यू कैंट रोड, आरटीओ चंद्रलोक, ब्रजलोक, राजपुर रोड सहित सीएम हाउस तक का क्षेत्र आता है। मैंने अपने क्षेत्र में अभी तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, पंपिंग स्टेशन तथा लगभग चार से पांच ट्यूबवेल लगवाए हैं। इसके अलावा कॉलोनी के पार्कों तथा मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया गया है और अब मैं अपने क्षेत्र के बड़े-बुजुर्गों/बच्चों के घूमने, खेलने, योग इत्यादि करने के लिए 4 से 5 किमी के दायरे में एक बड़ा पार्क (लगभग 5 बीघा में) बनाने की दिशा में कार्य कर रहा हूं। यह पार्क मेरे क्षेत्र के सेंटर पॉइंट में होगा और आरटीओ से चंद्रलोक कॉलोनी, ब्रजलोक, सालावाला सहित कई जगहों को कवर करेगा। इसके अलावा सालावाला का पुराना पुल जो अंग्रेजों के समय का बना हुआ है और अब उसमें दरार भी आ चुकी है, उसका पुनर्निर्माण कर चौड़ा करने का कार्य भी चल रहा है। इस पुल के लिए हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घोषणा भी कर चुके हैं और यह पुल पास होकर इसका टेंडर भी लग चुका है। जल्द ही इस पुल के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।

इसके अलावा मैं अपने क्षेत्र में एक और नया ट्यूबवेल लाने के लिए प्रयासरत हूं ताकि मेरे क्षेत्र की पानी की समस्या का स्थायी निदान हो जाए।

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