Sunday, October 4, 2026
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धामी सरकार का ऐतिहासिक फैसला! उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, अब सभी के लिए एक समान शिक्षा व्यवस्था

देहरादून। सीएम पुष्कर धामी सरकार द्वारा उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को एक जुलाई से बंद कर दिया गया है! सीएम पुष्कर धामी ने कहा अब एक ही छत के नीचे मिलेगी सबको समान शिक्षा।

इसे धामी सरकार का बड़ा फैसला माना जा रहा है इससे उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो गया है।

01 जुलाई 2026 से राज्य का मदरसा बोर्ड पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अब मदरसों समेत सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी नए बने ‘उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ यानी यूसेम के पास होगी।

1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। राज्य के 452 पंजीकृत मदरसे अब यूसेम के दायरे में आएंगे।

सरकार का कहना है कि अब सिर्फ मदरसे नहीं सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के स्कूल भी यूसेम ही देखेगा।

सीएम पुष्कर धामी के अनुसार इसके पीछे का मकसद शिक्षा में एकरूपता और गुणवत्ता है. साथ ही सभी मदरसों को अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेनी होगी।

सिलेबस में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, कंप्यूटर जैसे आधुनिक विषय अनिवार्य होंगे. बंद और विवादित 30 मदरसों के लिए रिसीवर नियुक्त होंगे. भूमि रिकॉर्ड, वित्तीय स्थिति, स्टाफ योग्यता सबकी जांच होगी. मान्यता के नियम तोड़े तो मान्यता रद्द भी हो सकती है।

सरकार के इस आदेश के बाद राज्य में डेमोग्राफी बदलने की कोशिश को भी झटका लगा है, क्योंकि बाहरी लोगों को चुनाव आयोग खंगाल रहा है जिससे कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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