गड्ढों वाली व्यवस्था और खतरे में पड़ता जीवन
गड्ढों में गिरी व्यवस्था में समाप्त होता जीवन आज के भारत की एक ऐसी विडंबना बन चुका है, जिसे देखकर मन भीतर तक सिहर उठता है। नोएडा में कार सवार युवा इंजीनियर की गड्ढे...
सूरत बैंक नगर समिति की 30वीं बैठकएवं ‘तापी प्रवाह’ पत्रिका का विमोचन
सूरत में गृह मंत्रालय, भारत सरकार के तत्त्वावधान में गठित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (बैंक) की 30वीं बैठक का सफल आयोजन हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भारतीय स्टेट बैंक, सूरत मॉड्यूल के उप...
राष्ट्रीय सुरक्षा और राहुल गांधी की राजनीतिक अपरिपक्वता
नीति-निर्माण, राष्ट्रीय सुरक्षा और संसदीय विमर्श जैसे गंभीर विषय किसी भी लोकतंत्र की रीढ़ होते हैं। संसद केवल सत्ता और विपक्ष के टकराव का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सामूहिक विवेक और जिम्मेदार अभिव्यक्ति...
महिला स्वास्थ्य और पोषण
स्वस्थ नारी, स्वस्थ समाज की आधारशिला महिला समाज की आधारशिला होती है। वह परिवार, कार्यक्षेत्र और समाज-तीनों स्तरों पर अपनी भूमिका निभाती है। परंतु अक्सर यह देखा गया है कि अपने अनेक दायित्वों के...
शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर...






