पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बंगाल की प्रसिद्ध झालमुड़ी खाकर जीत का उत्सव मनाया और इसे “सनातन, राष्ट्रवाद और विकास की राजनीति की विजय” बताया। इस दौरान धामी ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए दावा किया कि जिस तरह जनता ने बंगाल में भाजपा पर भरोसा जताया है, उसी तरह उत्तराखंड में भी 2027 में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी और राज्य में फिर कमल खिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक चेतना की लहर चल रही है, जिसे जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। धामी ने विपक्ष पर तुष्टीकरण, परिवारवाद और विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब काम और विकास के आधार पर वोट दे रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस जीत को “गंगोत्री से गंगासागर तक भगवा विजय” बताते हुए जमकर जश्न मनाया। दिव्य हिमगिरि रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। देवभूमि उत्तराखंड भी इस राजनीतिक उत्सव से अछूता नहीं रहा। देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुधवार को जीत का ऐसा जश्न देखने को मिला, जहां राजनीति, संस्कृति, राष्ट्रवाद और संगठन शक्ति एक साथ दिखाई दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं पार्टी कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ बंगाल की प्रसिद्ध झालमुड़ी खाकर जीत का जश्न मनाया। इस दौरान भाजपा कार्यालय “जय श्रीराम”, “मोदी-मोदी” और “भारत माता की जय” के नारों से देर तक गूंजता रहा।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में सुबह से ही कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कोई ढोल बजा रहा था, कोई मिठाइयां बांट रहा था तो कोई भगवा झंडा लहराकर बंगाल में भाजपा की जीत का जश्न मना रहा था। मुख्यमंत्री धामी जैसे ही कार्यक्रम स्थल पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। माहौल पूरी तरह चुनावी विजय के उत्सव में बदल चुका था। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस जीत को केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि “सनातन राष्ट्रवाद की निर्णायक विजय” करार दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने दशकों पुराने भय, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और राजनीतिक हिंसा के माहौल को खत्म करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल भाजपा की नहीं बल्कि राष्ट्रवाद, विकास और सांस्कृतिक अस्मिता की जीत है। धामी ने कहा कि गंगोत्री से गंगासागर तक लहराता भगवा आज देश में बदलती राजनीतिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और राष्ट्रवाद की जो नई चेतना जागी है, उसी का परिणाम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब जातिवाद, तुष्टीकरण और विभाजनकारी राजनीति से ऊपर उठकर विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव के मुद्दों पर मतदान कर रही है। धामी ने कहा कि भाजपा की जीत “सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम” की राजनीति पर जनता की मुहर है। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा संगठन की रणनीति की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की राजनीति को नई दिशा दी है। उनकी योजनाओं और नीतियों ने गरीब, महिला, युवा और किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अब केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का आंदोलन बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल वर्षों तक तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति करते रहे, जनता ने उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दे दिया है। धामी ने कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ बोलने वालों और राष्ट्रविरोधी राजनीति करने वालों को जनता धीरे-धीरे राजनीति के नक्शे से बाहर कर रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने यह साबित कर दिया कि देश अब भय और अराजकता की राजनीति नहीं बल्कि विकास और राष्ट्रवाद चाहता है। सीएम धामी ने कहा कि बंगाल में भाजपा की जीत “स्वाधीनता के उत्सव” जैसी है। वहां के लोग इसे “ममता राज से मुक्ति” के रूप में देख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि घुसपैठ, भ्रष्टाचार, नरसंहार और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ जनता ने निर्णायक जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल और असम का कोना-कोना आज भगवामय दिखाई दे रहा है और यह मां काली और मां कामाख्या की कृपा का परिणाम है।
पश्चिम बंगाल जीत के बहाने सीएम धामी ने फूंका 2027 चुनावी बिगुल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान उत्तराखंड की राजनीति को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा 2027 में उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी और राज्य में “जीत की हैट्रिक” लगेगी। धामी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। इसे भाजपा के आगामी चुनावी अभियान की शुरुआती रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में डबल इंजन सरकार तेजी से विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, केदारनाथ-बदरीनाथ पुनर्विकास परियोजना और सीमांत क्षेत्रों में सड़क व कनेक्टिविटी को मजबूत करने जैसे काम राज्य की तस्वीर बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और आध्यात्मिक पर्यटन का नया केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की योजनाओं ने देश में राजनीति की दिशा बदल दी है। आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, पीएम आवास, जल जीवन मिशन, जनधन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नारी वंदन और लखपति दीदी जैसी योजनाओं ने गरीबों और महिलाओं को नई ताकत दी है। जनता अब घोषणाओं नहीं बल्कि काम और परिणाम पर भरोसा कर रही है। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री मोदी और जनता के बीच भावनात्मक जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि सरकार बनने के बाद वह फिर से झालमुड़ी खाने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक बयान नहीं बल्कि आम जनता के साथ उनके आत्मीय संबंध का प्रतीक है। भाजपा की सबसे बड़ी ताकत यही है कि उसका नेतृत्व जनता से सीधा संवाद करता है। सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष जहां परिवारवाद और विरासत की राजनीति में उलझा रहा, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने अपने काम को ही अपनी पहचान बनाया। उन्होंने कहा कि जनता ने शोर, भ्रम और नफरत को नहीं बल्कि “परफॉर्मेंस” और सुशासन को वोट दिया है। भाजपा अब देशभर में विकास, राष्ट्रवाद और सनातन संस्कृति के एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रही है। भाजपा कार्यालय देर शाम तक जश्न के माहौल में डूबा रहा। सीएम धामी ढोल-नगाड़ों, नाच-गाने और मिठाइयों के बीच भाजपा कार्यकर्ता इस जीत को आने वाले वर्षों की राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मोड़ बताते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनादेश केवल सरकार बदलने का नहीं बल्कि देश की राजनीतिक संस्कृति बदलने का संदेश है।






