देहरादून की पहचान हमेशा एक शांत, सुकून भरे और सुरक्षित शहर के रूप में रही है, लेकिन पलटन बाजार में दिनदहाड़े हुई इस निर्मम हत्या ने उस छवि को खून से सना हुआ कर दिया। जहां रोज़ाना हजारों लोग खरीदारी करते हैं, महिलाएं बेखौफ आवाजाही करती हैं और पुलिस गश्त के दावे किए जाते हैं। वहीं एक युवती की गला काटकर हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। पल भर में चहल-पहल से भरा बाजार मातम और खौफ में बदल गया। लोग सहमे हुए हैं, दुकानों के शटर गिर गए और सवाल गूंजने लगे। क्या देहरादून अब भी सुरक्षित है?
यह हत्याकांड सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि राजधानी की कानून-व्यवस्था, पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर सीधी चुनौती बनकर सामने आया है। सीसीटीवी कैमरों, गश्त और चौकियों के बीच हुई वारदात ने पुलिस के तमाम दावों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। घटना के बाद व्यापारियों और आम लोगों में भारी आक्रोश है, वहीं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डर और असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। शांत पहाड़ों की गोद में बसे देहरादून में अगर बाजारों के बीच ऐसी वारदात हो सकती है, तो सवाल सिर्फ पलटन बाजार का नहीं, पूरे शहर की सुरक्षा का है। दिव्य हिमगिरि रिपोर्ट।
शांत, सुकून भरे और सुरक्षित शहर की पहचान रखने वाली उत्तराखंड की राजधानी देहरादून उस वक्त सन्न रह गई, जब शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले पलटन बाजार में दिनदहाड़े एक युवती की गला काटकर हत्या कर दी गई। जिस जगह हर समय हजारों की संख्या में खरीदार, महिलाएं, बुज़ुर्ग और बच्चे मौजूद रहते हैं, जहां पुलिस गश्त और सीसीटीवी कैमरों के दावे किए जाते हैं, वहीं इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। कुछ ही पलों में चहल-पहल से गुलजार बाजार खौफ, चीख-पुकार और मातम में बदल गया। दुकानों के शटर गिरने लगे और देहरादून की शांति खून से सनी नजर आई। यह सनसनीखेज हत्याकांड दोपहर के समय हुआ, जब पलटन बाजार में सामान्य दिनों की तरह भारी भीड़ मौजूद थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक अचानक युवती के पास पहुंचा और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते या संभल पाते, आरोपी ने युवती का गला रेत दिया। चंद सेकेंड में युवती जमीन पर गिर पड़ी और बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे, कुछ ने साहस दिखाकर मदद की कोशिश की, लेकिन तब तक युवती गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने पूरे देहरादून को झकझोर कर रख दिया। पलटन बाजार, जिसे राजधानी का सबसे सुरक्षित और व्यस्त इलाका माना जाता है, वहां इस तरह की वारदात होना आम लोगों के लिए अकल्पनीय था। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि अगर इतनी भीड़ और पुलिस व्यवस्था के बीच भी कोई अपराधी खुलेआम हत्या कर सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या भरोसा रह जाता है। घटना के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डर और आक्रोश खुलकर सामने आया। घटना के बाद देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह स्वयं सक्रिय हुए। उन्होंने बताया कि आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। एसएसपी अजय सिंह के अनुसार यह एक जघन्य अपराध है और पुलिस इसे बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में आरोपी और मृतका के बीच जान-पहचान और निजी विवाद की बात सामने आ रही है, लेकिन हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आरोपी किस मकसद से हथियार लेकर बाजार पहुंचा, यह भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फिलहाल कस्टडी में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम की कड़ियां और स्पष्ट होंगी। वहीं मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। एक युवा जिंदगी का इस तरह बीच बाजार खत्म हो जाना न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी चोट है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस हत्याकांड का असर सिर्फ पलटन बाजार तक सीमित नहीं रहा। पूरे शहर में दहशत का माहौल है। लोग शाम ढलते ही घरों में सिमटने लगे हैं। सोशल मीडिया पर राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग सवाल कर रहे हैं कि पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था आखिर किस काम की है, जब सबसे व्यस्त बाजार में भी कोई सुरक्षित नहीं है। महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई है।
विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह घटना प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी है। देहरादून जैसे शहर में, जिसे उत्तराखंड की सबसे सुरक्षित राजधानी माना जाता है, इस तरह की वारदात यह बताती है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी चूक है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी को सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रभावी बनाना होगा। साथ ही अपराधियों में कानून का डर पैदा करने के लिए सख्त और त्वरित कार्रवाई जरूरी है। पलटन बाजार में बहा यह खून सिर्फ एक हत्या नहीं है, बल्कि यह उस भरोसे पर हमला है, जो लोग अपने शहर और व्यवस्था पर करते आए हैं। शांत पहाड़ों की गोद में बसे देहरादून की पहचान को इस घटना ने गहरी ठेस पहुंचाई है। अब सवाल यह है कि क्या यह हत्याकांड सिस्टम को झकझोर कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा या फिर कुछ दिनों बाद यह भी एक और खबर बनकर फाइलों में दबा दी जाएगी।
कांग्रेस ने धामी सरकार की कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया
देहरादून के पलटन बाजार में हुई जघन्य हत्या के बाद उत्तराखंड की सियासत गरमा गई । राजधानी के सबसे भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने सीधे तौर पर धामी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि राज्य में बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था का खुला प्रमाण है, जिसने सरकार के तमाम दावों की पोल खोल दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस हत्याकांड पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देहरादून को अब तक एक शांत और सुरक्षित राजधानी माना जाता था, लेकिन पलटन बाजार जैसी जगह पर दिनदहाड़े हत्या होना सरकार और पुलिस प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जहां हर समय हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहते हैं, पुलिस गश्त और सीसीटीवी कैमरों की बात की जाती है, वहीं इस तरह की घटना हो जाना यह साबित करता है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि धामी सरकार केवल कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि आम जनता, खासकर महिलाएं, खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार उन्हें नियंत्रित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि अगर राजधानी के सबसे व्यस्त बाजार में लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। कांग्रेस ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सिर्फ गिरफ्तारी से बात नहीं बनेगी, बल्कि सरकार को यह भी बताना होगा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम क्या उठाए जा रहे हैं। गणेश गोदियाल ने मांग की कि पलटन बाजार समेत सभी भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए, पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और महिला सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और जनता को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई नहीं जाएंगी। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पलटन बाजार हत्याकांड के बाद कांग्रेस के इस तीखे हमले से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक रूप से और तूल पकड़ सकता है। विपक्ष इसे जनता की सुरक्षा से जोड़कर सरकार को घेरने की रणनीति में जुट गया है, जबकि अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि धामी सरकार इस चुनौती का जवाब केवल बयानों से देती है या जमीन पर ठोस कार्रवाई कर भरोसा बहाल करती है।
हत्या से पहले युवती ने लगाई थी गुहार, पुलिस को दी शिकायत, अनसुनी रह गई चेतावनी
देहरादून के पलटन बाजार में हुई युवती गुंजन की नृशंस हत्या के मामले में चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि गुंजन ने हत्या से पहले पुलिस से शिकायत की थी और अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई थी, लेकिन उस शिकायत पर समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अगर पुलिस ने समय रहते शिकायत को गंभीरता से लिया होता, तो शायद आज गुंजन जिंदा होती, यह सवाल अब पूरे शहर में गूंज रहा है।
परिजनों के मुताबिक गुंजन पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव और डर में थी। उन्होंने बताया कि एक युवक द्वारा लगातार परेशान किए जाने की बात गुंजन ने परिवार को भी बताई थी। इसी को लेकर उसने स्थानीय पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद न तो आरोपी को सख्त चेतावनी दी गई, न ही किसी तरह की निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था की गई। नतीजा यह हुआ कि पलटन बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े गुंजन की हत्या कर दी गई। इस खुलासे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी के सबसे व्यस्त बाजार में हुई इस वारदात ने पहले ही कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, अब यह बात सामने आना कि मृतका ने पहले ही खतरे की आशंका जताई थी, पुलिस की लापरवाही के आरोपों को और गहरा कर रही है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि महिलाओं की शिकायतों को अक्सर हल्के में लिया जाता है, जिसका खामियाजा उन्हें अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है। वहीं इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि शिकायत की प्रकृति और उस पर हुई कार्रवाई की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह देखा जा रहा है कि शिकायत कब और किस थाने में दी गई थी तथा उस पर क्या कदम उठाए गए। पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अगर किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। गुंजन की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई चाहते हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता है, जिसने एक युवती की जान ले ली। यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रहा। यह महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस की संवेदनशीलता और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत का बड़ा सवाल बन गया है। पलटन बाजार में बहा खून अब जवाब मांग रहा है, कि आखिर गुंजन की शिकायत क्यों अनसुनी रह गई और क्या इस चूक की जिम्मेदारी तय होगी।






