Monday, October 5, 2026
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मानसून के बाद रिस्पना किनारे चलेगा बुलडोजर, 324 मकान होंगे ध्वस्त; परिवारों को मिला अंतिम नोटिस

देहरादून नगर निगम मानसून के बाद रिस्पना नदी के बाढ़ क्षेत्र में चिहि्नत 324 मकानों को ध्वस्त करेगा। प्रभावित परिवारों को एमडीडीए के फ्लैट आवंटित किए गए हैं, लेकिन कुछ अभी भी स्थानांतरित होने को तैयार नहीं हैं।

देहरादून। देहरादून नगर निगम मानसून समाप्त होने के बाद रिस्पना नदी के बाढ़ क्षेत्र में चिहि्नत 324 मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू करेगा। निगम प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावित परिवारों को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के किफायती आवासीय फ्लैट आवंटित किए जा चुके हैं, लेकिन कई परिवार अब भी वहां से स्थानांतरित होने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में अंतिम नोटिस देने के बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा।

नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र के सीमांकन के बाद सभी 324 परिवारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

मानसून के दौरान किसी प्रकार की जनहानि या जोखिम से बचने के लिए कार्रवाई स्थगित रखी गई है, लेकिन बारिश का मौसम समाप्त होते ही पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी कर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया जाएगा।

सभी प्रभावित परिवारों को एमडीडीए के फ्लैट किए आवंटित

नगर आयुक्त ने बताया कि प्रशासन केवल निजी निर्माण ही नहीं, बल्कि बाढ़ क्षेत्र में स्थित सरकारी परिसंपत्तियों को भी हटाने की कार्रवाई कर रहा है। अब तक स्कूल, पंचायत भवन और ट्यूबवेल सहित तीन सरकारी भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि अन्य भवनों को हटाने की प्रक्रिया जारी है।

रिस्पना-बिंदाल पुनर्जीवन योजना और एनजीटी के निर्देशों पर कार्रवाई

नगर आयुक्त के अनुसार, सिंचाई विभाग से जैसे-जैसे बाढ़ क्षेत्र के नए कोआर्डिनेट्स प्राप्त होंगे, अभियान का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। यदि अतिरिक्त अतिक्रमण या नए प्रभावित परिवार चिहि्नत होते हैं तो उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

एनजीटी और हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद तेज हुई कार्रवाई

रिस्पना और बिंदाल नदियों पर वर्षों से बढ़ते अतिक्रमण और प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और उत्तराखंड हाईकोर्ट समय-समय पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दे चुके हैं। न्यायालयों ने दोनों नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करने, बाढ़ क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने और सीवरेज व ठोस कचरे के प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

काठबंगला में बनाए गए हैं आवास

नगर निगम का कहना है कि अभियान के दौरान मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले सभी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद ही कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित परिवारों के लिए काठबंगला में आवास बनाए गए हैं। एमडीडीए के साथ जल्द बैठक कर संबंधित परिवारों को अंतिम नोटिस दिया जाएगा और उसके एक सप्ताह में निर्माण ध्वस्त कर दिए जाएंगे।

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