कांग्रेस की नई टीम में फिर बढ़ा कुनबा!
डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट
बार बार प्रचारित यह किया जा रहा था कि इस बार कांग्रेस हाईकमान उत्तराखंड में सीमित पदाधिकारियों को लेकर अपनी टीम का गठन करेगी।कांग्रेस प्रभारी शैलजा ने भी पूछने पर यही संकेत दिए थे, लेकिन अब जो कार्यकारिणी सामने आई है ,उसने संख्या बल के पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दिए है।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नई प्रदेश कार्यकारिणी में विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के नेताओं को तो जिम्मेदारी दी गई है,उनकी संख्या इतनी बढ़ा दी कि पद का ही महत्व कम हो गया है।प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में गोदावरी थपलियाल को प्रदेश कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा 24 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष, 36 नेताओं को प्रदेश महासचिव और 107 नेताओं को प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया है। नई कार्यकारिणी में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ नेताओं के साथ कुछ युवा चेहरों को भी जगह दी गई है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि नई टीम आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों को मजबूती से आगे बढ़ाएगी।वही भाजपा ने इसे खोदा पहाड़ निकली चुहिया बताया।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच महत्वपूर्ण समितियों का भी गठन कर दिया है। एआईसीसी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति में कार्यकारिणी समिति, घोषणापत्र समिति, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति, एसआईआर समिति और चार्जशीट समिति के गठन की घोषणा की गई है। यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हों गई है।
प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी समिति में वरिष्ठ नेताओं गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य, हरीश रावत, प्रीतम सिंह, गुरदीप सिंह सप्पल, काजी निजामुद्दीन, करन माहरा, डॉ. हरक सिंह रावत, भुवन चंद्र कापड़ी समेत 41 नेताओं को शामिल किया गया है। घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष विधायक भुवन कापड़ी को बनाया गया है।समिति में डॉ.प्रेम बहुखंडी संयोजक बनाये गए है, जबकि गुरदीप सिंह सप्पल, सूर्यकांत धस्माना और सुजाता पॉल सदस्य बनाए गए हैं।
अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की कमान विक्रम सिंह नेगी को सौंपी गई है। वहीं एसआईआर समिति के अध्यक्ष मनोज रावत होंगे। चार्जशीट समिति की अध्यक्षता पूर्व पीसीसी चीफ करन माहरा करेंगे, जबकि इस समिति में मनोज रावत, डॉ. प्रेम बहुखंडी और डॉ. प्रतिमा सिंह को सदस्य बनाया गया है।इतने बड़े स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति और टिकट बंटवारे व गुटबाजी को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष और सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है।
एसआईआर कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी मनोज रावत के साथ ही कमेटी में अमरेंद्र बिष्ट, एडवोकेट संदीप चमोली को सदस्य बनाया गया है। पीसीसी की नई कार्यकारिणी में जिन 24 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है।उनमें हेमश खर्कवाल, विजय सारस्वत, सूर्यकांत धस्माना, धीरेंद्र प्रताप, राजकुमार, मनोज रावत, सतीश नैनवाल, लालचंद शर्मा, सहरियार खान, सीपी सिंह, संजय पालीवाल, राजेंद्र पाल सिंह, सुखविंदर कौर, राजीव महर्षि, अनुपम शर्मा, हेमंत बगड़वाल, मधु सांगुरी, डॉ. प्रेम बहुखंडी और दर्शन लाल समेत अन्य नेता शामिल है। इसके साथ ही नई कार्यकारिणी में 36 नेताओं को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें राजेंद्र भंडारी, नवीन जोशी, अभिषेक सिंह, विजय गुनसोला, तेलू राम, पुष्कर जैन, राकेश लाल शाह, दीप शर्मा, मकबूल कुरैशी, अमरजीत सिंह, याकूब सिद्दीकी, राजेंद्र शाह, जसवंत सिंह चौहान, सुमित्तर भुल्लर, अनीता शर्मा, जयेंद्र रमोला, संजय किरोला और राजेंद्र तंगरिया समेत अन्य नेता शामिल हैं।प्रदेश सचिव पद पर तो 107 नेताओं को विराजमान किया गया है,जिनके प्रदेश कार्यालय में बैठने की व्यवस्था करना भी टेढ़ी खीर होगा।सवाल यह भी है कि पदाधिकारी बने ये नेता क्या वास्तव में दम तोड़ चुकी कांग्रेस में प्राणवायु का संचार कर पाएंगे या फिर गाड़ियों पर पदों की पट्टी लगाकर सिर्फ रोब गालिब करेंगे।
(लेखक राजनीतिक समीक्षक व वरिष्ठ पत्रकार है)


