आईसीएसई-आईएससी परिणाम में उत्तराखंड की दमदार चमक

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    देशभर में बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों ने एक बार फिर मेहनत और लगन की मिसाल पेश की है। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन द्वारा घोषित कक्षा 10 और 12 के नतीजों में इस वर्ष 99 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी सफल रहे, जो शिक्षा के स्तर और विद्यार्थियों की तैयारी को दर्शाता है। खास बात यह रही कि छात्राओं ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन करते हुए बढ़त कायम रखी। परिणाम घोषित होते ही देशभर में खुशी का माहौल रहा और लाखों परिवारों ने इस सफलता का जश्न मनाया। उत्तराखंड में भी इन नतीजों का खास असर देखने को मिला, जहां पहाड़ से लेकर शहरों तक विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया। कर्णप्रयाग, टिहरी, रुड़की और देहरादून जैसे क्षेत्रों के स्कूलों ने बेहतरीन परिणाम दर्ज किए। कई विद्यार्थियों ने 95 से 99 प्रतिशत तक अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड के छात्रों ने यह साबित किया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यह परिणाम न केवल विद्यार्थियों के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा भी है। दिव्य हिमगिरि रिपोर्ट।

    देशभर में शिक्षा का पर्व एक बार फिर उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होते ही लाखों परिवारों में खुशियों की लहर दौड़ गई है। महीनों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और सपनों की उड़ान का फल अब सामने है। इस बार भी विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया कि लगन और समर्पण से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद) द्वारा कक्षा 10 (आईसीएसई) और कक्षा 12 (आईएससी) परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होते ही देशभर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। अन्य शिक्षा बोर्डों के बाद अब इस परिषद से जुड़े लाखों विद्यार्थियों का इंतजार भी समाप्त हो गया। गुरुवार सुबह जैसे ही परिणाम घोषित हुए, विद्यार्थी अपने अंक जानने के लिए उत्साहित नजर आए। आधिकारिक वेबसाइट पर भारी भीड़ देखी गई, जिसके चलते कुछ समय के लिए गति धीमी भी हुई। हालांकि परिषद ने इस बार बेहतर तकनीकी व्यवस्था करते हुए डिजिलॉकर, संदेश सेवा और उमंग अनुप्रयोग जैसे माध्यमों पर भी परिणाम उपलब्ध कराए, जिससे विद्यार्थियों को काफी सहूलियत मिली।
    इस वर्ष का परिणाम कई मायनों में विशेष रहा। कक्षा 10 और 12 दोनों में सफलता प्रतिशत 99 से अधिक रहा, जो विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। खास बात यह रही कि इस बार भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी बढ़त कायम रखी। आंकड़ों के अनुसार कक्षा 10 में कुल 99.18 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। इसमें छात्राओं का सफलता प्रतिशत 99.46 रहा, जबकि छात्रों का 98.93 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं कक्षा 12 में कुल 99.13 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए, जिसमें छात्राओं का प्रतिशत 99.48 और छात्रों का 98.81 रहा। इस वर्ष कुल मिलाकर 4 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षाओं में शामिल हुए थे। इनमें कक्षा 10 में लगभग 1.5 लाख और कक्षा 12 में करीब 2.6 लाख परीक्षार्थियों ने भाग लिया। परीक्षाएं देशभर के निर्धारित केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न कराई गईं। परीक्षा तिथियों की बात करें तो कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 30 मार्च 2026 तक आयोजित हुईं, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 12 फरवरी से 6 अप्रैल 2026 तक चलीं। परिणाम देखने की प्रक्रिया भी इस बार सरल रखी गई। विद्यार्थी अपनी विशिष्ट पहचान संख्या, अनुक्रमांक और सुरक्षा संकेत दर्ज कर आसानी से परिणाम देख सकते हैं।
    देशभर में इस शानदार परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नई पीढ़ी पढ़ाई के प्रति अधिक सजग और समर्पित हो रही है। यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग का भी परिणाम है।

    उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन

    उत्तराखंड में इन परिणामों ने विशेष उत्साह पैदा किया है। राज्य के विभिन्न जिलों में विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग स्थित ‘द इंडियन एकेडमी’ ने 100 प्रतिशत परिणाम प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की। कक्षा 12 की छात्रा सौम्या चौहान ने 97.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। मानसी जैन और दीपिका पंत ने भी उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कक्षा 10 में भी इस विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। सिद्धार्थ भंडारी ने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। रुड़की के सेंट जॉन्स वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कक्षा 12 विज्ञान वर्ग में चेतन ने 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कक्षा 10 में शुभेंद्र प्रताप यादव ने 89 प्रतिशत अंक हासिल किए। टिहरी जिले के विद्यार्थियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कार्मल विद्यालय चंबा के आदित्य नेगी ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। ऑल सेंट कॉन्वेंट विद्यालय की आदविका सेमवाल ने 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। राजधानी देहरादून में छात्राओं का दबदबा देखने को मिला। सेंट जोजेफ्स एकेडमी की अनुष्का कोटनाला ने 99.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया। ब्राइटलैंड्स विद्यालय की नैना सागर, समर वैली विद्यालय की हिया गोयल और श्रेष्ठा रावत ने भी 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज की। इन परिणामों ने यह सिद्ध कर दिया है कि उत्तराखंड के विद्यार्थी कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों के बावजूद यहां के छात्र देशभर में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। यह परिणाम न केवल विद्यार्थियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की मजबूती का भी प्रमाण है। अब सफल विद्यार्थी अपने भविष्य की दिशा तय करने में जुट जाएंगे, जबकि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी आगे बढ़ने के कई अवसर मौजूद हैं।

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